लखनऊ, 22 दिसंबर (आईएएनएस/आईपीएन)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को सपा सरकार द्वारा 17 कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीमर, बाथम, तुरहा, गोंड, बिंद उपजातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल किए जाने के लिए मंत्रिपरिषद में प्रस्ताव पारित कराए जाने को जनता के साथ धोखे की राजनीति बताया। उन्होंने इसे महज चुनावी स्टंट बताया।
उन्होंने सपा से सवाल किया कि सपा 10 सालों तक संप्रग के साथ सहयोगी रही, आखिर उन्होंने उस समय इन जातियों को अनुसूचित जाति में क्यों नहीं शामिल कराया?भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मौर्य ने कहा, "सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार में भी यह प्रस्ताव पारित किया था और 2012 के सपा घोषणा पत्र में भी यह हिस्सा था। लेकिन अखिलेश सरकार ईमानदारी की बात नहीं करती। सरकार का कार्यकाल जब पूरा होने को आया तो सरकार ने प्रदेश की जनता को धोखा देने का यह एक और नाटक रचा है।"भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इन जातियों को अनुसूचित सूची में शामिल किए जाना भी एक असफल चुनावी दांव है, क्योंकि जनता को मालूम है कि यह अखिलेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।--आईएएनएस
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