धर्मशाला, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)| हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विपक्षी भाजपा के तीन विधायकों के निलंबन को लेकर हंगामा जारी रहा। भाजपा सदस्य इसके विरोध में सदन से बाहर चले गए और कार्यवाही का बहिष्कार किया।
प्रश्नकाल के बाद भाजपा सदस्य रिखि राम कुंडल अपने स्थान पर खड़े हो गए और कहा कि निलंबित विधायकों सुरेश भारद्वाज, राजीव बिंदल और रणधीर शर्मा को विधानसभा परिसर में आने की अनुमति नहीं दी गई।उन्होंने कहा कि यह तानशाही है।विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि तीनों विधायकों को विधानसभा से निलंबित किया गया है। उन्हें विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से नहीं रोका जाना चाहिए।उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के विधानसभा परिसर में तीनों विधायकों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के आदेश की वैधता पर सवाल उठाया। उनका तर्क था कि उनके निलंबन का संबंध सिर्फ सदन में भागीदारी करने से जुड़ा है, परिसर में आने से नहीं।दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने कहा, "विधानसभा आना निर्वाचित विधायकों का लोकतांत्रिक अधिकार है।"अपने फैसले का बचाव करते हुए विधानसभा अध्यक्ष बी.बी.एल. बुटेल ने कहा कि यह फैसला विधानसभा के नियमों के तहत किया गया है।नियमों का हवाला देते हुए बुटेल ने कहा कि सदन परिसर का मतलब चेंबर, लॉबी, दीर्घाओं से है और इसे इसी दृष्किोण से देखा जाना चाहिए।विधानसभा अध्यक्ष के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गए और पूरी कार्यवाही का बहिष्कार किया।--आईएएनएस
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