अल्मोड़ा (उत्तराखंड), 23 दिसम्बर (आईएएनएस)| कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फैसला सरकार द्वारा की गई आर्थिक डकैती है। उन्होंने कहा कि मोदी ने देश को एक प्रतिशत अति धनाढ्य और 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों के बीच बांट दिया है।
राहुल ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "नोटबंदी कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं है। यह एक आर्थिक डकैती है। मोदी जी ने देश को एक प्रतिशत अति धनाढ्य और 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों के बीच बांट दिया है।"उन्होंने कहा, "कालाधन रखने वाला एक भी व्यक्ति नहीं पकड़ा गया है। यह नीति कालाधन के खिलाफ नहीं थी। ऐसे 50 परिवार हैं, जिन्होंने ऋण लिए थे। इन परिवारों के आठ लाख करोड़ रुपये मूल्य के ऋण को माफ करने के लिए यह योजना थी।"राहुल गांधी ने कहा, "जब किसान ऋण अदा नहीं करते हैं तो उनकी संपत्ति और घर छीन लिए जाते हैं। लेकिन, जब धनी लोग ऋण अदा नहीं करते हैं तो वे उन्हें बकाएदार और उनके ऋण को गैर निष्पादक संपत्तियां कहते हैं। सरकार उनके ऋण को नया रूप दे देती है, लेकिन इसे वसूल नहीं करती है।"उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार को स्विस बैंकों में कालाधन रखने वालों की सूची संसद में जारी करनी चाहिए।राहुल ने कहा कि 94 प्रतिशत कालाधन स्विस बैंक के खातों, सोना और रियल एस्टेट में हैं। केवल छह प्रतिशत काला धन नकदी में है।राहुल ने कहा कि मोदी ने किसानों की नहीं सुनी, लेकिन 15 धनवान लोगों के 1.40 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए।उन्होंने कहा, "वे कहते हैं कि यह भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक है, जबकि वास्तव में यह देश के गरीबों पर की गई धुआंधार बमबारी है।"--आईएएनएस
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