पाकिस्तान की जेलों में बंद 439 भारतीय मछुआरे को रिहाई देने के लिए तैयार हो गया है। इस कदम से मछुआरों में खुशी की लहर दौड गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव व द्विपक्षीय वार्ता पूरी तरह रूके होने के बावजूद शुक्रवार को पाकिस्तान ने 439 भारतीय मछुआरों को दो समूहों में वतन भेजने को तैयार हुआ।
भारतीय मछुआरों की घर वापसी की सूचना देते हुए पाकिस्तान-इंडिया पीपुल्स फोरम फाॅर पीस एंड डेमोक्रेसी (पीआईपीएफपीडी) के प्रवक्ता जतिन देसाई ने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में बंद 439 मछुआरे को दो समूहों में घर लौंटेंगे। जिसका पहला समूह 25 दिसंबर क्रिसमस डे पर 220 मछुआरे घर आ जाएंगे और शेष 209 पांच जनवरी, 2017 को लौटेंगे।
द्विपक्षीय वार्ता पूरी तरह रुके होने के बावजूद इस रिहाई को महत्वपूर्ण बताते हुए देसाई ने कहा कि पीआईपीएफपीडी ने बदले में भारत सरकार से भारतीय जेलों में बंद पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा करने की अपील की है।
देसाई ने कहा कि दोनों देशों को मछुआरों के मामले में श्गिरफ्तार न किए जाने की नीति का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2008 में स्थापित कैदियों के लिए भारत-पाकिस्तान न्यायिक समिति (आईपीजेसीपी) की तत्काल बैठक होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मछुआरों की जब्त नौकाएं लौटा दी जानी चाहिए, क्योंकि ये उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन हैं।
समिति की बैठक के बारे में बताते हुए देसाई ने कहा कि आईपीजेसीपी की बैठक हर छह महीने में होती थी, लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार के आने के बाद से समिति की कोई बैठक नहीं हुई है।
गौरतलब है कि जहां पाकिस्तान के कराची की जेलों में 516 भारतीय मछुआरे कैद हैं वहीं गुजरात की जेलों में 80 पाकिस्तानी मछुआरे हैं।
स्रोत- आईएएनएस
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