मुंबई, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)| भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता पूरी तरह रुके होने के बावजूद पाकिस्तान की जेलों में बंद 439 भारतीय मछुआरे दो समूहों में घर लौटेंगे। पहला समूह क्रिसमस के मौके पर अपने घर पहुंचेगा। इस कदम से मछुआरों में खुशी की लहर है।
पाकिस्तान-इंडिया पीपुल्स फोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी (पीआईपीएफपीडी) के प्रवक्ता जतिन देसाई ने कहा कि 220 मछुआरे रविवार को आ जाएंगे और शेष 209 पांच जनवरी, 2017 को लौटेंगे।उन्होंने कहा, "द्विपक्षीय वार्ता पूरी तरह रुके होने के बावजूद यह रिहाई महत्वपूर्ण है।"देसाई ने कहा कि पीआईपीएफपीडी ने बदले में भारत सरकार से भारतीय जेलों में बंद पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा करने की अपील की है।फिलहाल कराची की जेलों में 516 भारतीय मछुआरे कैद हैं, जबकि गुजरात की जेलों में 80 पाकिस्तानी मछुआरे हैं।देसाई ने कहा कि दोनों देशों को मछुआरों के मामले में 'गिरफ्तार न किए जाने की नीति' का पालन करना चाहिए।उन्होंने कहा, "2008 में स्थापित कैदियों के लिए भारत-पाकिस्तान न्यायिक समिति (आईपीजेसीपी) की तत्काल बैठक होनी चाहिए।"उन्होंने कहा कि मछुआरों की जब्त नौकाएं लौटा दी जानी चाहिए, क्योंकि ये उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन हैं।देसाई ने कहा कि आईपीजेसीपी की बैठक हर छह महीने में होती थी, लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार के आने के बाद से समिति की कोई बैठक नहीं हुई है।--आईएएनएस
|
|
Comments: