नई दिल्ली, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)| दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 49,88,000 रुपये राशि के नकली नोट के साथ पकड़े गए दो व्यक्तियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश पंडित ने इकरामुल अंसारी और शारदा शंकर महतो को 1,000 रुपये के 4,988 नकली नोट दुबई से दिल्ली लाने की साजिश में रचने के अपराध में पांच-पांच वर्ष के कैद की सजा सुनाई।
अदालत ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के सदस्य दोनों व्यक्तियों को आपराधिक साजिश रचने, नकली नोट रखने और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराधी करार दिया।कैद के अलावा अंसारी पर 6,000 रुपये और महतो पर 4,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा है कि अंसारी ने अपनी मर्जी से ये नकली 4,988 नोट अपने पास रखे हुए थे।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अंसारी और महतो पर नकली नोटों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।खुफिया राजस्व निदेशालय ने 18 अप्रैल, 2014 को दिल्ली हवाई अड्डे से अंसारी को गिरफ्तार किया था और उसके पास से 1,000 रुपये के 4,988 नकली नोट बरामद किए थे।महतो को बाद में गिरफ्तार किया गया और मामला एनआईए को सौंप दिया गया। अंसारी और महतो बिहार के चंपारन के रहने वाले हैं।अंसारी रोजगार की तलाश में दुबई गया था और वहां दर्जी का काम करता था। एनआईए के अनुसार अंसारी दुबई से यह नकली नोट लाया था, जिसे वह पटना में महतो को देने वाला था।--आईएएनएस
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