नई दिल्ली, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)| भारतीय खुफिया एजेंसी के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी किताब में लिखा है कि पाकिस्तान अपनी गलत सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सुरक्षा व आतंकवाद संबंधी नीतियों की वजह से 'मल्टी आर्गन फेल्योर' (हर अंग खराब होने की स्थिति) की कगार पर है। 'पाकिस्तान : कोर्टिग द अबिस' नाम की इस पुस्तक केो लेखक तिलक देवशेर हैं जो पाकिस्तान में बहुत दिनों तक अपनी सेवा दे चुके हैं और पाकिस्तान पर उनकी विशेषज्ञता है।
कैबिनेट सचिवालय से विशेष सचिव (रॉ) पद से सेवानिवृत्त हुए देवशेर की पुस्तक का बुधवार शाम यहां इंडिया हैबिटेट सेंटर में विमोचन हुआ। इसका प्रकाशन हार्पर कोलिंस ने किया है।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक और पाकिस्तान में सैन्य तानाशाही की यात्रा में अंतर की वजह से यह सवाल उठता है कि ये दोनों देश इतना अलग-अलग तरह से किस तरह से आगे बढ़े।उन्होंने कहा कि एक तरफ असहिष्णुता व कट्टरपंथ का बढ़ना और दूसरी तरफ भारत केंद्रित आतंकवाद के परिणामस्वरूप भारत में सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान का जाना ही इस सवाल के दुखद आयाम हैं।उन्होंने कहा, "मैं यह समझने के लिए प्रतिबद्ध था कि आखिर किस चीज ने पाकिस्तान को ऐसा हिंसक एवं असह्य स्थान बनाया जो एक आतंक देश घोषित होने और परमाणु प्रसार करने वाला सबसे खराब देश घोषित होने के कगार पर है। संक्षेप में कहें तो पाकिस्तान खुद रसातल में जाना क्यों चाहता है?"देवशेर ने जोर देकर कहा कि उनकी पुस्तक भारत और पाकिस्तान के बीच तुलना के बारे में नहीं बल्कि पाकिस्तान और जिस दयनीय स्थिति में वह अब खुद को पा रहा है, उसके बारे में एक लेखा जोखा है।इस अवसर पर हुई परिचर्चा में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि देश की अवधारणा को लेकर जिन्ना का नजरिया स्पष्ट नहीं था। इंस्टीट्यूट ऑफ कंफ्लिक्ट मैनेजमेंट एंड द साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के कार्यकारी निदेशक अजय साहनी व विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के सुशांत सरीन ने भी इसमें भाग लिया।--आईएएनएस
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