नई दिल्ली, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)| नॉर्वे में पांच साल के एक भारतीय बच्चे को उसके माता-पिता से अलग करने की खबर के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को नॉर्वे के राजदूत से संपर्क किया। बच्चे के माता-पिता पर बच्चे को पीटने का आरोप है। सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, "मैंने नॉर्वे में भारत के राजदूत से मामले की रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।"
रिपोर्ट के मुताबिक, बिना माता-पिता को सूचित किए बच्चे को 13 दिसंबर को किंडरगार्टेन स्कूल से उठा लिया गया और एक बाल कल्याण घर में रखा जा रहा है, जो नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से लगभग 150 किलोमीटर दूर है।बच्चे की मां गुरविंदरजीत कौर को भी हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ होनी है।भारतीय रेस्तरां चलाने वाले बच्चे के पिता अनिल कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका बच्चा दमा का रोगी है।उल्लेखनीय है कि साल 2011 में तीन साल तथा एक साल के दो बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया गया था। बाद में मुद्दे को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा उठाने के बाद उन्हें उनके माता-पिता को सौंपा गया था।दिसंबर 2012 में कथित तौर पर बाल अत्याचार के एक अन्य मामले में सात साल तथा दो साल के बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया गया था। उसकी मां को 15 महीने जेल की सजा तथा पिता को 18 महीने जेल की सजा दी गई थी।दोनों बच्चों को हैदराबाद में रहने वाले उनके दादा के पास भेज दिया गया था।--आईएएनएस
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