मॉस्को, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)| इस साल शंघाई मास्टर्स सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े टेनिस टूर्नामेंटों का आयोजन एथलीटों के डोपिंग जांच के बगैर किया गया। समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने समाचार पत्र 'द टाइम्स' के हवाले से कहा, "शीर्ष 50 खिलाड़ियों की सूची में शामिल एक टेनिस खिलाड़ी का 20 टूर्नामेंट और 65 मैचों में हिस्सा लेने के बावजूद इस साल सिर्फ आठ बार डोपिंग टेस्ट हुआ है।"
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एक टेनिस टूर्नामेंट के करीबी सूत्र से मिली जानकारी से पता चला है कि कुछ साल डोपिंग टेस्ट कराने वाले खिलाड़ियों ने टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लिया।एक अन्य शीर्ष स्तरीय खिलाड़ी ने कहा कि उनके लिए टूर्नामेंटों में डोपिंग टेस्ट न होना सामान्य बात है।टूर्नामेंटों में डोपिंग रोधी अधिकारियों के लिए डोपिंग टेस्ट करने हेतु सुविधाएं होना जरूरी है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, इसका पालन नहीं हो रहा है।अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) द्वारा डोपिंग रोधी कार्यक्रम चलाया जाता है और इसकी वार्षिक लागत 40 लाख डॉलर है।ब्रिटेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे सहित कई खिलाड़ियों ने इस लागत में बढ़ोतरी की बात कही है।--आईएएनएस
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