नोटबंदी के बाद हो रही जनसमस्याओं के कारण विपक्ष और आम जनता द्वारा केन्द्र सरकार की शासन प्रणाली पर उठ रहें सवालों से परे भाजपा ने गुरूवार को एक और चैकाने वाला फैसला लिया है। आने वाले 25 दिसंबर से केन्द्र सरकार पूरे देश में सुशासन दिवस मनाने जा रहा है।
सरकार के सुशासन अभियान की जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि आने वाले 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाएगा। इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन भी है।
केन्द्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि सरकार की महत्वपूर्ण पहल से लोगों को अवगत कराने के लिए पार्टी के मंत्री व सांसद पूरे देश भर का दौरा कर लोगों को सरकार की उपलब्धियों को बताएंगे।
सुशासन अभियान की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि 25 दिसंबर से लेकर अगले 100 दिनों तक पूरे देश में सुशासन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों में सरकार के मंत्री शिरकत करेंगे। नायडू ने यह बातें मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है विषय पर भारत सरकार के कैलेंडर 2017 को जारी करने के बाद कही।
सरकार के ढाई वर्षो की पहल को जनता से रूबरू होने को लेकर नायडू ने कहा कि मंत्री व सांसद पिछले ढाई वर्षो के दौरान सरकार द्वारा शुरू की गई पहल को लोगों तक पहुंचाने के लिए देश भर का दौरा करेंगे।
सुशासन अभियान के महत्व को बताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान से सरकार का प्रयास कार्य प्रणाली में सुधार करना, डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देना तथा सभी क्षेत्रों में संपर्क क्रांति को आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर नायडू ने रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स ऑफ इंडिया द्वारा तैयार प्रेस इन इंडिया रिपोर्ट 2015-16 जारी करते हुए प्रिन्ट मीडिया में हो रहे बदलाव पर चर्चा करते हुए नायडू ने कहा कि प्रिंट मीडिया में अभूतपूर्व विकास ने प्रिंट मीडिया की नीतियों व दिशा-निर्देशों में बदलाव को प्रेरित किया। पिछले साल की तुलना में भारतीय प्रिंट उद्योग ने 5.13 फीसदी की दर से अपना विकास जारी रखा और साल 2015-16 के दौरान कुल 5,423 नए प्रकाशन पत्रों का पंजीकरण हुआ।
आनंद बाजार पत्रिका को बंगाल का सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र बताते हुए मंत्री ने कहा कि बंगाली भाषा का समाचार पत्र आनंद बाजार पत्रिका सबसे ज्यादा बिकने वाला समाचार पत्र रहा है। वहीं हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा बिकने वाला बहुसंस्करणों वाला समाचार पत्र दैनिक भास्कर रहा, जबकि अंग्रेजी में सर्वाधिक बिकने वाला सामयिक पत्र संडे टाइम्स ऑफ इंडिया रहा।
स्रोत- आईएएनएस
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