इंदौर, 21 दिसंबर (आईएएनएस)| इंदौर के एक बुजुर्ग प्रेमचंद्र सुराना (86) की देहदान की अंतिम इच्छा पूरा करते हुए उनके परिजनों ने बुधवार को उनका शव महात्मा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के शरीर विज्ञान विभाग (एनाटॉमी) को सौंप दिया है। यह शव चिकित्सा महाविद्यालयों के छात्रों के अध्ययन में काम आएगा। प्रेमचंद्र सुराना के बेटे जिनेंद्र सुराना ने बताया, "उनके पिता की इच्छा देहदान की थी, वह पिछले कुछ अरसे से बीमार थे और मंगलवार की रात को उनका निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने भाई राजेंद्र सुराना व दो बहनों और अन्य परिजनों के साथ पिताजी की अंतिम इच्छा को ध्यान में रखकर देहदान का फैसला लिया।"
पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए बुधवार की सुबह छत्रपति नगर से देहदान यात्रा निकली। सभी ने चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचकर एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रतीक जैन को प्रेमचंद्र की देह सुपुर्द कर दी।चिकित्सा महाविद्यालय के सूत्रों के अनुसार, प्रेमचंद्र की देह चिकित्सा छात्रों के प्रायोगिक अध्ययन में मददगार बनेगी।जिनेंद्र सुराना के मुताबिक, उनके पिता सामाजिक व धार्मिक कार्यो में सदैव सक्रिय रहे। प्रेमचंद्र के एक मित्र ने कुछ वर्ष पूर्व अपनी देह का दान किया था, तभी से वह अपनी देह के दान की इच्छा जताते रहे थे। इसी को ध्यान में रखकर बुधवार को उनका शव चिकित्सा महाविद्यालय को सौंप दिया गया।--आईएएनएस
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