टोक्यो, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)| जापान ने अपने एकमात्र फास्ट-ब्रीडर परमाणु रिएक्टर को हटाने की बुधवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोंजू (पश्चिम) स्थित प्रायोगिक परमाणु संयंत्र को परमाणु नियामक प्राधिकरण (एनआरए) ने हटाने की सिफारिश की थी, जिसपर एक साल तक चर्चा करने के बाद मंत्रिपरिषद ने उसे आधिकारिक तौर पर स्वीकृति दी।
मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान फैसले की घोषणा की और कहा कि संयंत्र को हटाने के बाद उसकी जमीन का इस्तेमाल परमाणु सामग्री शिक्षा एवं शोध केंद्र के रूप में किया जाएगा।जापान ने परमाणु शोध व विकास में 8.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।मोंजू संयंत्र को परमाणु ईंधन के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार तैयार किया गया था। इसकी डिजाइन इस तरह तैयार की गई थी कि बिजली उत्पादन प्रक्रिया के दौरान जितने प्लूटोनियम की खपत होती है, उससे अधिक प्लूटोनियम वह उत्पन्न कर सके।सरकार के अनुमान के मुताबिक, रिएक्टर को हटाने में 3191.95 डॉलर की लागत आएगी और इसमें 31 वर्षो का समय लगेगा।इस रिएक्टर ने साल 1995 में काम करना शुरू किया था, लेकिन सोडियम लीक के कारण उसका संचालन मई 2010 तक रोक दिया गया। अगस्त 2010 में एक और हादसा हो गया, जिसके कारण इसे बंद कर दिया गया।एनआरए के एक पत्र में इस बात का खुलासा हुआ है कि जापान परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रिएक्टर के लगभग 10,000 पुर्जो का मरम्मत संबंधी निरीक्षण नहीं किया, साथ ही परिसर के दर्जनों सुरक्षा कैमरे काम नहीं कर रहे थे।--आईएएनएस
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