नई दिल्ली, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)| जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के लापता छात्र नजीब अहमद की मां ने मंगलवार को कहा कि उनके बेटे की तलाश के लिए पुलिस द्वारा विश्वविद्यालय परिसर की तलाशी पर उन्हें कोई भरोसा नहीं है। नजीब की मां फातिमा नफीस ने सीएनएन न्यूज18 से कहा कि जब सारे सबूत मिट गए, तब तलाशी अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि यह नजीब की गुमशुदगी के पहले सप्ताह के दौरान ही किया जाना चाहिए था, जबकि अब दो महीने बीत चुके हैं।फातिमा ने कहा, "जब हमने एक शिकायत दर्ज कराई थी, तभी हमने खोजी कुत्ते से तलाशी के लिए कहा था।"उन्होंने कहा कि तब पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि वे नजीब की तलाश के लिए दूसरे तरीके से प्रयास कर रहे हैं।फातिमा ने कहा, "कल (सोमवार को) जब कुत्ते ने नजीब के पुराने कपड़े सूंघे, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कपड़े से गंध भी जा चुकी है।"नजीब की मां ने कहा, "डॉग हैंडलर (खोजी कुत्तों को संभालने वाले) ने हमसे खुद कहा है कि इस अभियान का अब कोई मतलब नहीं, क्योंकि 65 दिन बीत चुके हैं। अगर कोई सुराग होगा भी तो वह अब तक नष्ट हो गया होगा। इसे पहले सप्ताह में ही कराना चाहिए था।"आक्रोशित फातिमा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखा था और जल्द से जल्द कुत्तों को तलाशी अभियान में लगाने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।उन्होंने कहा, "अब जो कुछ भी हो रहा है, वह दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रहा है। मुझे विश्वास है कि मुझे इंसाफ मिलेगा। मेरा बेटा वापस आएगा।"15 अक्टूबर की रात लापता होने से पहले नजीब की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के साथ नोकझोंक हुई थी। एबीवीपी ने हालांकि नजीब की गुमशुदगी में किसी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है।एबीवीपी का जिक्र किए बिना फातिमा नफीस ने कहा, "मुझे पता है, उन्होंने नजीब का अपहरण किया है।"--आईएएनएस
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