मॉन्ट्रो (स्विट्जरलैंड), 20 दिसम्बर (आईएएनएस)| अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (एआईबीए) ने मंगलवार को एक बैठक के दौरान भारत की मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) को फिर से अपने स्थायी के रूप में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजी का स्वागत करते हुए एआईबीए ने अगले साल फरवरी में अपनी वार्षिक आयोग की बैठक को भारत में आयोजित करने का फैसला भी लिया।
बैठक में मंगलवार को लिए गए फैसले से भारत ने चार साल के अंतराल के बाद एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी जगत में प्रवेश किया।बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह ने अपने एक बयान में कहा, "हम एक बार फिर भारत को एआईबीए के स्थायी सदस्य बनने की बात से काफी खुश हैं। इसके साथ हमारे मुक्केबाजों को एक बार फिर राष्ट्रध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा।"अजय ने कहा, "बीएफआई का लक्ष्य खेल का विकास करना और यह बात सुनिश्चित करना है कि देश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुक्केबाजी में भारत का मान बढ़ाएं।"भारत को दिसम्बर, 2012 में तत्कालीन भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ के (आईएबीएफ) के लिए चयन में हेरफेर के मामले में प्रतिबंधित कर दिया गया था।इस प्रतिबंध के कारण भारतीय मुक्केबाजों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय ध्वज के तहत खेलने का अवसर नहीं मिला।एआईबीए के अध्यक्ष चिंग कुओ वु ने बीएफआई को फिर से संघ का स्थायी सदस्य बनने पर बधाई दी।इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एआईबीए प्रमुख के सामने संयुक्त रूप से भारत में मुक्केबाजी अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा।यह प्रस्ताव अगर स्वीकार कर लिया जाता है, तो प्रस्तावित अकादमी संयुक्त रूप से भारत सरकार के नियमों के तहत एआईबीए और बीएफआई द्वारा संचालित की जाएगी।--आईएएनएस
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