हैदराबाद, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)| एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर अतंकवादी हमलों में संलिप्त गैर-मुस्लिमों के खिलाफ जांच एजेंसियों को जांच शुरू करने की इजाजत न देने का आरोप लगाया। लोकसभा सदस्य ओवैसी ने ट्वीट किया, "2013 में हुए दिलसुखनगर बम कांड के सभी आरोपियों को सजा दे दी गई। लेकिन क्या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मक्का मस्जिद, अजमेर दरगाह और मालेगांव बम विस्फोट कांड में भी अरोपियों को सजा देगी।"
औवैसी ने आगे कहा, "आखिरी हमारी शीर्ष जांच एजेंसियां 1992 से लंबित बाबरी मस्जिद मामले में आतंकवाद के आरोपियों को सजा देने में मुस्तैदी नहीं दिखातीं।"उन्होंने कहा, "दिलसुखनगर बम कांड के आरोपियों को तीन साल में सजा दे दी गई, लेकिन मक्का मस्जिद हमले, अजमेर कांड और मालेगांव बम विस्फोट कांड मामले में आरोपियों को सजा सुनाने में आखिर इतनी देर क्यों की जा रही है।"गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सोमवार को एनआईए की अदालत ने इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकवादी संगठन के सह-संस्थापक यासीन भटकल और एक पाकिस्तानी आतंकवादी सहित हैदराबाद में 2013 में हुए बम धमाके में शामिल सभी पांच आतंकवादियों को मौत की सजा सुनाई।हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में 21 फरवरी, 2013 को दो बम विस्फोट हुए थे, जिसमें 18 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 131 व्यक्ति घायल हुए थे।--आईएएनएस
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