बांदा, 19 दिसंबर (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बुंदेलखंड से विधानसभा का चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर किए जाने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर ने सोमवार को कहा कि "हम चाहते हैं कि अखिलेश यहां से चुनाव लड़ें, बसपा उन्हें 'दुरुस्त' करके भेज देगी।" प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की हमीरपुर जिले के कुछेछा गांव में 15 दिसंबर को हुई जनसभा के दौरान बुंदेलखंड के कई सपा नेताओं ने उन्हें लिखित तौर पर किसी भी सीट से चुनाव लड़ने का न्योता देने और उनके द्वारा मंशा जाहिर करने के बाद यहां सपा के ही नहीं, कांग्रेस के भी दो विधायकों ने स्वेच्छा से अपनी सीट छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
सबसे पहले बबेरू सीट से सपा के विधायक विश्वंभर सिंह यादव, इसके बाद हमीरपुर जिले की चरखारी सीट से विधायक उर्मिला राजपूत और फिर चित्रकूट जिले की सदर सीट से सपा विधायक वीर सिंह (मृत दस्यु ददुआ के बेटे) ने भी अपनी सीट छोड़ने का बयान जारी कर दिया। लेकिन ये तीनों विधायक सपा के हैं, बुंदेलखंड में 19 सीटें हैं और सपा के सात विधायक हैं। चाहे अखिलेश जिस सीट से लड़ें, वहां के मौजूदा विधायक की दावेदार स्वत: समाप्त हो जाएगी।सपा विधायकों की होड़ में तड़का तब और लग गया, जब कांग्रेस के बांदा सदर विधायक विवेक सिंह और तिंदवारी विधायक दलजीत सिंह ने भी अखिलेश के लिए अपनी सीट छोड़ने को ऐलान कर दिया।बांदा सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर तीसरी बार विधायक हुए विवेक सिंह ने जारी बयान में कहा, "मुख्यमंत्री यहां से चुनाव लड़ें, बड़ी बात होगी, इससे विकास होगा और वह उनसे मिलकर लिखित तौर पर बांदा सीट से चुनाव लड़ने का अनुरोध करेंगे।"कांग्रेस के तिंदवारी विधायक दलजीत सिंह ने अपनी सशर्त सीट छोड़ने का न्योता दिया है, उन्होंने अपने बयान में कहा कि "यहां आत्महत्या या कर्ज से ज्यादा गंभीर संकट आवारा जानवरों का है, जो किसानों की फसल चट कर रहे हैं। अभी चुनाव आचार संहिता नहीं लगी, यदि मुख्यमंत्री गोशालाएं बनवा कर इन जानवरों के रोकने का ठोस उपाय कर दें तो वह उनके लिए न सिर्फ अपनी सीट छोड़ देंगे, बल्कि अपने समर्थकों के साथ उनका पूरा समर्थन करेंगे।"इन सबसे इतर, उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बांदा जिले की नरैनी सीट से विधायक गयाचरण दिनकर चुनौती पूर्ण लहजे में सोमवार को कहा कि "हम तो चाहते हैं कि अखिलेश जी यहां से चुनाव लड़ें, बसपा उन्हें 'दुरुस्त' करके भेज देगी। पांच साल की सरकार में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड़ की ओर मुड़कर नहीं देखा, उनके यहां से चुनाव लड़ने मात्र से विकास हो जाएगा, समझ से परे है। सपा या कांग्रेस के जो भी विधायक मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट छोड़ने की बात कह रहे हैं, आगामी चुनाव में जनता उनसे जबरन छीन लेगी।"बुंदेलखंड में 19 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें सपा, बसपा के सात-सात, कांग्रेस के चार और भाजपा का एक विधायक है और यह बसपा का पुराना गढ़ रहा है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर इसी क्षेत्र के बांदा जिले के वाशिंदे हैं।--आईएएनएस
|
|
Comments: