इस्लामाबाद, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)| पाकिस्तान फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सोमवार को भारतीय फिल्मों पर लगाए गए स्वघोषित प्रतिबंध को हटाने के फैसले की निंदा की। यह प्रतिबंध करीब दो महीनों तक रहा। प्रतिबंध हटने के बाद सोमवार को बॉलीवुड फिल्म 'फ्रीकी अली' का प्रदर्शन हुआ। फिल्म में प्रमुख भूमिकाओं में नवाजुद्दीन सिद्दिकी, अरबाज खान और एमी जैक्सन हैं।
पाकिस्तानी फिल्म उद्योग ने सितम्बर में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया था। यह भारत में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने के बाद लगाया गया था।पाकिस्तान फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सैयद नूर ने पाकिस्तानी सिनेमाघरों में भारतीय फिल्मों के फिर प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है।नूर ने कहा, "यह देशभक्ति से रहित एक व्यापारिक कदम है। जब सरकार ने आधिकारिक रूप से भारतीय सामग्री को प्रतिबंधित किया, तो प्रदर्शक इस बात को समझ क्यों नहीं कर रहे हैं?"डॉन ने नूर के हवाले से कहा, "कोई एक समान नीति नहीं है। मैं जानना चाहता हूं कि किसने भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया और किसने इसे हटाया?"पाकिस्तान फिल्म एक्जिबिटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जोराएज लाशाारी ने सोमवार से भारतीय फिल्मों को दिखाए जाने की पुष्टि की।सिनेमा की दुनिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारतीय फिल्मों पर रोक से पाकिस्तान के सिनेमाघर मालिकों को करीब 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और करीब 100 कर्मचारियों की नौकरी चली गई।--आईएएनएस
|
|
Comments: