इस्लामाबाद, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)| मिस्र सरकार द्वारा पासपोर्ट जब्त किए जाने के बाद स्वेज नहर में एक जहाज पर कथित तौर पर 17 पाकिस्तानी कामगार फंसे हुए हैं। जहाज में फंसे चीफ ऑफिसर जमील जांगियान ने डॉन से कहा कि उनका शिपिंग कॉरपोरेशन कुवैत का है, जिसने अपने कामगारों को बकाया मजदूरी नहीं दी और यह राशि पाकिस्तानी करेंसी में 20 लाख रुपये है।
उन्होंने कहा कि शिपिंग कॉरपोरेशन ने मिस्र की सरकार को यात्रा दस्तावेज को आगे बढ़ाने के लिए भी भुगतान नहीं किया, जिसके कारण उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए।जांगियन ने कहा, "हमें जहाज से उतरने और तट पर जाने की अनुमति नहीं है।"सभी कामगार बीते चार महीनों से समुद्र में खड़े जहाज में फंसे हुए हैं, जो तट से काफी दूर है। उनके पास खाना तथा रोजमर्रा की जरूरी चीजें समाप्त हो रही हैं।जहाज पर छह पाकिस्तानी कामगारों की सेहत बुरी दशा में है क्योंकि उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।सभी कामगार आठ अगस्त को कराची से निकले थे और दुबई होते हुए कुवैत पहुंचे थे। वे जहाज से कुवैत से मिस्र पहुंचे, जहां वे अभी फंसे हुए हैं।--आईएएनएस
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