ग्वालियर, 19 दिसंबर (आईएएनएस)| एकता परिषद के बैनर तले ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय भूमि अधिकार सम्मेलन में जुटे देशभर के भूमिहीनों ने भूमि अधिकार को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को चेतावनी दे डाली है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर उनकी मांगों पर फरवरी तक अमल नहीं किया गया तो वे मार्च 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र बुधनी से भोपाल तक की पदयात्रा करेंगे। ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन सोमवार को एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रनसिंह परमार ने कहा कि देशभर में वंचित समाज अपने भूमि अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। आवासीय कानून के अभाव में अभी भी देशभर में करोड़ों परिवार बगैर आवास के जी रहे हैं, इसलिए राष्ट्रीय आवासीय भूमि अधिकार कानून लागू किया जाए और प्रत्येक ग्रामीण आवासहीन परिवार को 10 डिसमिल भूमि आवंटित की जाए।
एकता परिषद की मांग है कि वनाधिकार कानून 2006 को प्रभावी तरीके से लागू करते हुए आदिवासी अन्य परंपरागत वननिवासियों को आवासीय, खेती तथा सामुदायिक भूमि के अधिकार दिए जाएं।एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक रमेश शर्मा ने कहा है कि 2018 में ग्वालियर से लाखों भूमिहीन दलित आदिवासी दिल्ली की ओर कूच करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से टेलीफोन चर्चा हुई है और उम्मीद है कि कुछ ठोस कार्य सामने आएंगे।राष्ट्रीय संयोजक अनीष कुमार, राष्ट्रीय सचिव अनिल भाई, राष्ट्रीय समिति के सदस्य संतोष सिंह, प्रांतीय संयोजक दीपक अग्रवाल वनाधिकार कानून-2006 को प्रभावी तरीके से लागू करते हुए आदिवासी अन्य परंपरागत वननिवासियों को आवासीय, खेती तथा सामुदायिक भूमि के अधिकार देने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो मार्च 2017 में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र बुधनी से हजारों भूमिहीन, दलित, आदिवासियों के साथ भोपाल तक की पदयात्रा की जाएगी।सम्मेलन के अंतिम दिन मेला मैदान से रैली निकाली गई, जो फूलबाग में गांधी प्रतिमा पर फूल माला अर्पित कर भूमि अधिकार के लिए अहिंसात्मक आंदोलन का संकल्प लिया। साथ ही प्रख्यात गांधीवादी और पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र के निधन पर श्रद्धांजलि सभा हुई।सम्मेलन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, केरल के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।--आईएएनएस
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