पटना, 19 दिसंबर (आईएएनएस)| बिहार की राजधानी में मिथिला संस्कृति विकास समिति की ओर से आयोजित द्विदिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व के दूसरे दिन चर्चित कथक नृत्यांगना सलोनी मल्लिक के नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सलोनी ने महाकवि विद्यापति की रचना 'जय जय भैरवि' पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। नृत्यांगना ने महाकवि के शब्दों के अनुरूप अपनी गतिमय भाव-भंगिमाओं से कला-प्रेमियों को रचना का अर्थ समझाने में कोई कसर नहीं छोड़ा।
पटना के राजीवनगर में रविवार की रात आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक भोला यादव ने किया। मुख्य अतिथि थे दीघा के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया, विशिष्ट अतिथि थे कवि खगेंद्र ठाकुर, नितिन नवीन व शंभूदेव झा। आईआईटी-पटना के प्रोफेसर डॉ. प्रीतम कुमार सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद थे।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में दर्शकों ने कवि सम्मेलन का आनंद लिया। इसके बाद रोहिणी रमण झा लिखित नाटक 'अंतिम गहना' का मंचन अमलेश आनंद के निर्देशन में किया गया। इस नाटक में सूत्रधार थे अंतेश झा। उनके अलावा रुचि रानी, पूनम सिंह राठौर, अनुराग ठाकुर, निखिल रंजन, रोहिणी रमण झा और आलोक गुप्ता के जीवंत अभिनय ने नाटक को यादगार बनाया।इससे पहले, दोपहर में मिथिला मेला का आयोजन भी किया गया।--आईएएनएस
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