नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)| जम्मू एवं कश्मीर नफरत और आतंकवाद की आग में जल रहा है और इसी तनाव की स्थिति के बीच लेखक एवं कवि ओनाली ए.कपासी की पुस्तक 'कश्मीर ऑन फायर' का विमोचन हुआ है। कश्मीर की रूह तक को समझने वाले ओनाली ने इस किताब के जरिए कश्मीर की दुखती नब्ज को पकड़ लिया है।
वह कश्मीर के मौजूदा हालातों को बयां करते हुए कहते हैं कि कश्मीर जल रहा है। एक आतंकवादी को मुठभेड़ में मार गिराए जाने पर इतनी हायतौबा मची है, उसे शहीद का माना जा रहा है, जो कहीं से मानवता नहीं है।ओनाली ने आईएएनएस को बताया, "कश्मीर की समस्या की जड़ ब्रिटिश राज है, मन के द्वेष और गलतफहमियों ने देश के दो टुकड़े कर दिए। आतंकवादी को शहीद की तरह देखा जा रहा है और उसके परिवार को आर्थिक सहायता देने की जोर-आजमाइश हो रही है। आतंकवाद के खात्मे के लिए यह सोचना पड़ेगा कि उसकी फंडिंग कहां से हो रही है और इसके पीछे एक ही देश है और वह है सऊदी अरब। अमेरिका भी सऊदी अरब को 'वहाबी' कहने के लिए तैयार नहीं है।"वह कहते हैं, "कश्मीर के मुद्दे का राजनीतिकरण कर दिया गया है। नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस मुद्दे को भुनाते रहते हैं। इन सबके बीच अवाम की आवाज दबाई जा रही है, लेकिन लोगों की आवाज को आप ज्यादा देर तक दबा नहीं सकते।"कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में हालात बिगड़े हैं। सूबे की राज्य सरकार ने बुरहान वानी के परिवार को आर्थिक सहायता मुहैया कराने का ऐलान भी किया है जो विवादों में छाया हुआ है। ओनाली कहते हैं, "इसे कोई स्वीकार नहीं कर सकता, जिस शख्स ने निर्दोष लोगों की हत्या की हो, न ही उसे शहीद कहा जा सकता है और न ही आर्थिक सहायता की बात से सहमत हुआ जा सकता है।"खुद को बॉस्टन ब्राहण कहने वाले कपासी का मानना है, "सारी समस्या की जड़ इंसान का अहंकार है। कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। सद्दाम हुसैन, हिटलर में बहुत अहं था सब जानते हैं, उनका हश्र क्या हुआ वह भी सब जानते है। हमने अब अमेरिका की कमान भी इसी तरह के शख्स को सौंपी है।"हमारी समस्या यह है कि हम कई गुटों में बंटे हुए हैं और यही वजह है कि ब्रिटिश हम पर इतने वर्षो तक राज कर चले गए। आजादी के बाद हम दो टुकड़ों में बंट गए और अब देश इतना खंडित हो गया है कि हर रोज कहीं न कहीं से आजादी की मांग उठने लगती है। हालांकि, ओनाली इसका हल बताते हुए कहते हैं, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल हम सभी को आपसी द्वेष दूर कर एकजुट होने की जरूरत है।--आईएएनएस
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