नई दिल्ली, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)| एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को एयरसेल-मैक्सिस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और अन्य के खिलाफ गुरुवार को आरोप तय करने का फैसला किया। विशेष न्यायाधीश ओ.पी सैनी ने अत्यधिक दस्तावेज होने की वजह से इस आदेश को 22 दिसम्बर तक के लिए टाल दिया।
अदालत मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर दयानिधि मारन, उनके भाई और कारोबारी कलानिधि मारन एवं अन्य की जमानत याचिका पर भी फैसला लेगी।सीबीआई ने मारन बंधुओं और चेन्नई स्थित कंपनी सन डायरेक्ट टीवी, मलेशिया के कारोबारी टी.ए.आनंद कृष्णन, अगुस्तस राल्फ मार्शल और दो अन्य आरोपी कंपनियों मैक्सिस कम्युनिकेशंस बरहाड ऑफ मलेशिया और एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क्स के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं।आरोपपत्र में कहा गया है कि दयानिधि मारन ने एयरसेल को खरीदने में कृष्णन की मदद के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसके मालिक सी. शिवशंकरण को कंपनी में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए मजबूर किया था।शिवशंकरण ने आरोप लगाया था कि दयानिधि मारन ने कंपनी के अधिग्रहण के लिए मैक्सिस समूह को लाभ पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने इसके बदले में एस्ट्रो नेटवर्क कंपनी के जरिए एक ऐसी कंपनी में निवेश किया जिसका स्वामित्व मारन परिवार के पास है।यह आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक षडयंत्र) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियिम के अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मारन बंधुओं, कलानिधि की पत्नी कावेरी कलानिधि और दक्षिण एशिया एफएम लि. (एसएएफएल) के प्रबंध निदेशक के.शनमुगम और दो कंपनियों एसएएफएल और सन डायरेक्ट टीवी प्रा. लि. (एसडीटीपीएल) के खिलाफ 742.58 करोड़ रुपये की मनीलांड्रिंग के लिए आरोपपत्र दाखिल किए।--आईएएनएस
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