तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा की यात्रा को लेकर चीन का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और आध्यात्मिक नेता दलाई की मुलाकात की।
दलाई लामा और राष्ट्रपति की मुलाकात पर चीन की नाराजगी को गलत बतातें हुए भारत ने कहा कि आध्यात्मिक नेता दलाई लामा और राष्ट्रपति की मुलाकात पर चीन का विरोध करना गलत है। भारत ने कहा कि जिस कार्यक्रम में इनकी मुलाकात हुई वो गैर राजनीतिक कार्यक्रम था।
इनकी मुलाकात को स्पष्ट करते हुए यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि आप भारत की स्थिति से लगातार वाकिफ हैं। धर्मगुरु दलाई लामा एक सम्मानति और प्रतिष्ठित आध्यात्मिक नेता हैं। नोबेल पुरस्कार विजेताओं द्वारा आयोजित यह एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम था जो बच्चों के कल्याण के लिए समर्पित था।
गौरतलब है कि इस मुलाकात को लेकर बीते दिन चीन ने अपनी नाराजगी पेश करते हुए भारी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा की राष्ट्रपति की मुलाकात एक समारोह में हुई थी। समारोह में इनके अलावा कई नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं ने हिस्सा लिया था।
इसके पहले महीने की शुरुआत में चीन ने तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु के अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही दलाईलामा की हाल के मंगोलिया दौरे पर भी चीन ने नाराजगी जताई थी। इसे लेकर चीन ने मंगोलिया के ट्रकों पर चीनी क्षेत्र में शुल्क में बढ़ोतरी कर दी थी।
बता दें कि बीजिंग 14वें दलाई लामा पर अलगाववादी गतिविधियों का आरोप लगाता रहा है। निर्वासित तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा साल 1959 से भारत में है। हालांकि आधात्मिक धर्मगुरु का दावा है कि वह सिर्फ तिब्बत की स्वायत्तता चाहते हैं।
स्रोत- आईएएनएस
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