इम्फाल, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)| मणिपुर की राजधानी में यहां सामान बेचने वाली महिलाओं ने और मोर में महिला कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की रात से जनजातीय उग्रवादियों द्वारा आर्थिक नाकेबंदी और घात लगाकर हमला करने के खिलाफ 24 घंटे की हड़ताल की शुरू की है। इन हमलों में तीन पुलिसकर्मियों की जान गई है और 14 घायल हुए हैं।
इस आम हड़ताल से मोरे में स्थित भारत-म्यांमार अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर वैध कारोबार और इंफाल में आम जनजीवन बिल्कुल ठहर गया है। इससे बहुत सारे व्यापारी और पर्यटक फंस गए हैं। सभी शिक्षण संस्थान, बैंक और वित्तीय संस्थान बंद रहे।लाठियां लिए महिलाएं वाहनों को रोकने के लिए सभी चौराहों पर खड़ी थीं। मीडियाकर्मियों एवं आवश्यक सेवा वालों को इससे छूट थी। सभी बाजार और दुकानें दिन भर बंद रहे।मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने उग्रवादी संगठन एनएससीएन (आईएम) पर लगाम नहीं लगाई है और जनता के बीच उसकी मिलीभगत होने का संदेह अब बढ़ रहा है।पिशाकमाचा नाम की एक महिला विक्रेता ने कहा, "यह एक दर्दनाक सच्चाई है कि एनएससीएन (आईएम) इन घटनाओं के पीछे है और केंद्रीय बल अब भी मूक दर्शक बनी हुई है। हमलोग मणिपुर से एनएससीएन (आईएम) को खाली कराने और केंद्रीय बलों को वापस बुलाने की मांग करती हैं। फूट डालो- राज करो वाली नीति के परिणामस्वरूप इंफाल शहर में जनजातीय और गैर जनजातीय विक्रेताओं के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।"पुलिस ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं।--आईएएनएस
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