वाराणसी, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)| केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने शनिवार को कहा कि युवा पीढ़ी के बीच इस देश की महान संस्कृति को फैलाने में दिग्गज कलाकारों की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कलाओं और संस्कृति के मौलिक रूपों को संरक्षित रखा जाना चाहिए और उसे बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 'संस्कृति पर पुनर्गठित केंद्रीय सलाहकार बोर्ड (सीएबीसी) की दूसरी बैठक तक' की अध्यक्षता की।
बैठक में उपस्थित लोगों में सचिव (संस्कृति) ए.के. सिन्हा एवं बीएचयू के उप कुलपति जी.सी. त्रिपाठी समेत सुरेश तलवालकर, वासुदेव कामत, प्रो. एस.आर. लीला, एस.एल. भाईरप्पा, प्रांजल सेकिया, डॉ. वमन केंद्रेय, प्रो. एम.बालासुब्रमण्यम, प्रो. रहमान अली, उमा शर्मा, पंडित छन्नुलाल मिश्रा और विख्यात गीतकार समीर अंजान शामिल थे।कुछ सदस्यों का विचार था कि 2018 में आयोजित होने वाला थियेटर ओलंपिक्स भारतीय थियेटर बिरादरी के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव जैसे राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी किया जा सकता है।सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि संगीत के क्षेत्र में काम करने वाले सक्रिय समूहों की सहायता की जानी चाहिए तथा युवा पीढ़ियों के बीच संस्कृत भाषा के महत्व को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।--आईएएनएस
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