कोच्चि, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)| दिल्ली डायनामोज के साथ जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 14 दिसम्बर को हुए सेमीफाइनल मैच में पेनाल्टी शूटआउट के दौरान तीन गोल बचाते हुए केरला ब्लास्टर्स को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के तीसरे सीजन के फाइनल में पहुंचाने वाले गोलकीपर संदीप नंदी मानते हैं कि वह अपनी टीम के प्रशंसकों को ट्रॉफी के रूप में एक उपहार देना चाहते हैं क्योंकि इन प्रशंसकों ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया है। केरल रविवार को यहां के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में पूर्व चैम्पियन एटलेटिको दे कोलकाता के खिलाफ लीग के तीसरे सीजन का फाइनल खेलने उतरेगी।
कोलकाता और केरल दूसरी बार फाइनल में पहुंचे हैं लेकिन केरल के हाथों अब तक खिताब नहीं आया है। कोलकाता की टीम 2014 में यह खिताब जीत चुकी है और फाइनल में उसने केरल को ही 1-0 से हराया था।अब दोनों टीमें एक और फाइनल के लिए तैयार हैं और साथ ही तैयार हैं केरल के प्रशंसक, जिन्होंने केरल के हर घरेलू मैच में 50 हजार के करीब उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया है और देश के सबसे जुनूनी प्रशंसकों का दर्जा पा चुके हैं।नंदी ने शनिवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं केरल के साथ आईएसएल का पूरा लुत्फ ले रहा हूं। मेरी नजर में केरल के समर्थक सबसे अच्छे हैं। हम भाग्यशाली हैं कि हमें घरेलू मैचों में इतना शानदार माहौल मिलता है। कोलकाता के खिलाफ हमारा फाइनल कठिन होगा लेकिन हम इसे जीतते हुए अपने समर्थकों को उपहार देना चाहते हैं। उन्होने हमें तीन साल से लगातार असीम प्यार दिया है लेकिन हम उन्हें अब तक बदले में कुछ नहीं दे सके हैं।"नंदी ने कहा कि बीते सीजन में केरल टीम का प्रदर्शन खराब रहा था, इसके बावजूद दर्शकों ने अपनी टीम से मुंह नहीं मोड़ा और लगातार टीम के समर्थन में मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचते रहे। एसे समर्थकों को वह ट्रॉफी के रूप में तोहफा देना चाहते हैं।बकौल नंदी, "बीते साल हमारा प्रदर्शन घर में बेहद खराब रहा था। हम एक भी मैच नहीं जीत सके थे। इसके बावजूद इन सबने हमारा साथ दिया और हजारों की संख्या में स्टेडियम पहुंचे। इस साल हमने अच्छा किया और फाइनल तक पहुंचे। यह सब समर्थकों के प्यार के कारण सम्भव हो सका है। ऐसे में हमारे समर्थक ट्रॉफी के हकदार हैं और यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हम अपने समर्थकों के सामने फाइनल खेल रहे हैं।"उल्लेखनीय है कि केरल के समर्थक बड़ी संख्या में मैदान का रुख करते हैं और जुनून की हद तक जाकर अपनी टीम का समर्थन करते हैं। यह माहौल देश में कहीं और देखने को नहीं मिलता। ऐसा कोई मैच कोच्चि में नहीं हुआ, जिसमें 45 हजार से कम दर्शक जुटे हों।कोलकाता के कोच होजे मोलिना ने कहा कि उनकी टीम 50 से 60 हजार के करीब दर्शकों की मौजूदगी में फाइनल खेलकर अच्छा महसूस करेगी क्योंकि यह फुटबाल के लिए उपयुक्त माहौल है और वह मानते हैं कि कुछ हद तक केरल को इसका फायदा मिलेगा लेकिन अंतत: मुकाबला तो मैदान में मौजूद खिलाड़ियों के बीच होता है और वही असली अंतर पैदा करते हैं।--आईएएनएस
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