Search: Look for:   Last 1 Month   Last 6 Months   All time

नोटबंदी पर अंतरिम आदेश से शीर्ष अदालत का इनकार (लीड-1)

नई दिल्ली, Fri, 16 Dec 2016 IANS

नई दिल्ली, 16 दिसम्बर (आईएएनएस)| सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मेडिकल सेवा समेत सभी आवश्यक सेवाओं के लिए अमान्य नोटों के उपयोग की छूट अवधि में विस्तार देने के लिए किसी भी तरह का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया और मांग पर ध्यान देने की जिम्मेवारी केंद्र सरकार पर छोड़ दी। अदालत ने कहा कि इस आधार पर सरकार को निर्देश देने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन कहा कि जहां तक संभव हो सप्ताह में 24 हजार रुपये निकालने की मंजूरी की प्रतिबद्धता का सरकार सम्मान करे।

केंद्र सरकार को व्याप्त स्थिति के लिए पर्याप्त उत्तरदायी और संवेदनशील मानते हुए मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर की पीठ ने कहा कि सरकार विचार करेगी और लोगों की हो रही परेशानी दूर करने के लिए समय-समय पर समुचित फैसला लेगी।

महान्यायवादी मुकुल रोहतगी के बयान का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि समय अभी तक खत्म नहीं हुआ है और सरकार अपनी पूरी योग्यता और क्षमता से काम कर रही है। रोहतगी ने 31 दिसंबर तक चीजें व्यवस्थित होने की बात कही।

अदालत ने सरकार को समय-समय पर अपने निर्णयों की समीक्षा करने की बात कही। इसके साथ ही रोहतगी द्वारा दी गई जानकारी कि आमान्य करार दिए गए पुराने नोटों के बदले 40 प्रतिशत 500 और 2000 रुपये के नए नोटों से बदले जा चुके हैं, को संज्ञान में लिया।

रोहतगी ने गुरुवार को शीर्ष अदालत से कहा था कि नए नोटों में 5 लाख करोड़ रुपये की राशि चलन में आ गईं हैं और छोटे मूल्यों के वर्तमान नोटों के साथ कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य की राशि प्रचलन में हैं।

अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाओं की खेप को पांच सदस्यीय पीठ में भेज दिया। याचिकाओं में गत 8 नवंबर को सरकार के फैसले और इसके कारण उत्पन्न मुद्दों को चुनौती दी गई है।

अदालत ने पांच सदस्यीय पीठ की सुनवाई के लिए नौ प्रश्न तैयार किए हैं जिनमें नोटबंदी के फैसले की वैधता, क्या खाताधारकों को उनके खाता से राशि निकालने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और क्या अदालतें राजकोषीय नीति पर निर्णय कर सकती है, आदि शामिल हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने नोटबंदी के खिलाफ विभिन्न उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों में दायर याचिकाओं पर चल रही सुनवाई पर भी रोक लगा दी और निर्देश दिया कि गत 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले या इससे संबंधित मुद्दों को चुनौती देने वाली किसी भी याचिका पर सुनवाई सिर्फ शीर्ष अदालत में हो सकती है।

इस तरह सर्वोच्च न्यायालय ने देश की सभी अदालतों को नोटबंदी को चुनौती देने वाली किसी भी याचिका को स्वीकार करने से रोक दिया है।

--आईएएनएस


LATEST IMAGES
Manohar Lal being presented with a memento
Manoj Tiwari BJP Relief meets the family members of late Ankit Sharma
Haryana CM Manohar Lal congratulate former Deputy PM Lal Krishna Advani on his 92nd birthday
King of Bhutan, the Bhutan Queen and Crown Prince meeting the PM Modi
PM Narendra Modi welcomes the King of Bhutan
Post comments:
Your Name (*) :
Your Email :
Your Phone :
Your Comment (*):
  Reload Image
 
 

Comments:


 

OTHER TOP STORIES


Excellent Hair Fall Treatment
Careers | Privacy Policy | Feedback | About Us | Contact Us | | Latest News
Copyright © 2015 NEWS TRACK India All rights reserved.