नोटबंदी के मुद्दे पर लगातार चल रहे विपक्ष के गतिरोध के कारण पूरे शीतकालीन सत्र में आये दिन संसद का स्थगन होता रहा। विपक्ष सरकार का इस मुद्दे पर सरकार का घेराव करती रही और फैसले को वापस लेने की मांग पर अड़ी रही।
संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। सभापति हामिद अंसारी ने भावुक संबोधन के साथ सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने पूरे शीतकालीन सत्र की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने पर रोष भी व्यक्त किया।
अंसारी ने सांसदों से कहा, ‘संसद का 16 नवंबर को शुरू हुआ 241वां सत्र आज समाप्त हो गया। मुझे उम्मीद थी कि मुझे जो दिसंबर 2013 में 221वें सत्र के समापन पर कहना पड़ा, वह नहीं दोहराना पड़ेगा।’
उन्होंने कहा, ‘मेरी उम्मीद टूट गई। नियमित और लगातार अवरोध इस सत्र की पहचान रही। संसद के व्यवस्थित संचालन के लिए मर्यादापूर्ण विरोध जरूरी था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया।’ अंसारी ने इस हंगामे के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया।
अंसारी ने कहा, ‘नियमित और लगातार अवरोध इस सत्र की पहचान रही.. सभी वर्गो ने नारे लिखी तख्तियों को लहराने और शोर-शराबे से संबंधित नियमों की अनदेखी की।’
हालांकि, उन्होंने कहा कि 16 नवंबर और 24 नवंबर को नोटंबदी पर उपयुक्त चर्चा हुई, लेकिन यह सब बेनतीजा रही। सदन ने विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित विधेयक, 2014 को पारित किया।
स्रोतः आईएएनएस
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