पटना, 16 दिसंबर (आईएएनएस)| पटना में आयोजित गुरु गोविंद सिंह के 350वीं जयंती समारोह में भाग लेने वाले बाहरी पंजाबी और सिख श्रद्घालु न केवल बिहार के विभिन्न क्षेत्रों की प्रसिद्घ मिठाइयों का आनंद ले सकेंगे, बल्कि उनके लिए पटना और आसपास के रेलवे परिसरों में पंजाबी व्यंजनों का तड़का भी उपलब्ध होगा। इसके लिए रेलवे और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने खास तैयारियां शुरू कर दी है।
प्रकाशोत्सव में शिरकत करने वाले श्रद्घालुओं को रसमलाई, खीर, मालपूआ, राबड़ी जहां बिहार की मिठास का एहसास कराएगी, वहीं वे गया के तिलकुट, सिलाव के खाजा, मनेर के मोतीचूर के लड्डू, छपरा की बालूशाही, उदवंतनगर की बिलग्रामी का स्वाद लेकर आनंदित होंगे।पटना जिला प्रशासन का मानना है कि 350वें प्रकाशोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाली अलग-अलग तरह की मिठाइयां और पकवान बिहार की सांस्कृतिक विविधता का बखान करेंगी, जिससे अतिथि भी रू-ब-रू होंगे।बिहार की कई तरह की मिठइयां पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्घ हैं। पटना जिला प्रशासन ने गांधी मैदान से पटना सिटी तक चिह्न्ति कई स्थानों पर ऐसी मिठाइयों और पकवानों के स्टॉल लगवाने की योजना बनाई है।पटना के जिलाघिकारी संजय कुमर अग्रवाल कहते हैं कि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से मिठाई बनाने वाले कारीगरों (हलवाई) को खासतौर पर पटना बुलाया गया है, ताकि प्रकाशोत्सव में आने वाले श्रद्धालु प्रदेश की हर तरह की मिठाइयों का लुत्फ उठा सकें।उन्होंने बताया, "बिहार की मिठाइयों और पकवानों का स्वाद लेकर श्रद्घालु बिहार की संस्कृति से खुद को जोड़ सकेंगे।"उधर, श्रद्घालुओं के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी ने भी खास तैयारियां कर रखी हैं। आईआरसीटीसी के एक अधिकरी ने बताया कि 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक रेल परिसर में पंजाबी व्यंजनों की खुशबू बिखरेगी।पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर, दानापुर, पाटलिपुत्र और पटना साहिब स्टेशनों पर फास्ट फूड यूनिट खेालने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पंजाबी व्यंजनों की सूची तैयार की गई है। रेल परिसर स्थित फूड प्लाजा में मक्के की रोटी, सरसों की साग, दाल मक्खनी सहित अन्य पंजाबी व्यंजनों की व्यवस्था खास तौर पर की जा रही है।प्रकाशोत्सव का मुख्य आयोजन अगले वर्ष पांच जनवरी को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने का कार्यक्रम है। इस दिन गांधी मैदान में मुख्य दीवान सजेगा। इससे पूर्व एक से पांच जनवरी तक पटना के चार बड़े प्रेक्षागृहों में सांस्कृतिक उत्सव मनाया जाएगा। मुख्य अयोजन पटना के गांधी मैदान में होगा।--आईएएनएस
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