विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद में न बोलने देने की इजाजत के दावे को खारिज करते हुए बीते दिन संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ये कैसे दावा कर रहें है कि उन्हें संसद में बोलने की इजाजत नहीं दी गई। जबकि इस सिलसिले में उन्होंने एक भी नोटिस नही दी है।
संसद में राहुल गांधी को न बोलने की इजाजत पर अनंत कुमार ने कहा कि पूरे सत्र में राहुल गांधी ने अब तक एक भी नोटिस अपने नाम से नहीं दिए है। बावजूद इसके यह कैसे कह सकते है कि उन्हें संसद में बोलने नही दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि सदन में सवाल करने के लिए नियमों के मुताबिक दोनों सदनों की मेज पर प्रतिदिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही नोटिस जमा किए जाते हैं जिसमें आसन से विभिन्न नियमों के तहत विभिन्न मुद्दे उठाने के लिए सवाल पूछे जाते हैं।
संसदीय कानून मंत्री अनंत कुमार की यह टिप्पणी तब आई है जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में उन्हें सदन में बोलने की इजाजत न देने का आरोप लगाया था राहुल का आरोप था कि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के सबूत हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें लोकसभा में बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
इस दावे को खारिज करते हुए मंत्री कुमार ने कहा कि यदि राहुल गांधी के पास कुछ ऐसा था जिसका खुलासा करने पर धरती हिल जाती तो वह 16 नवंबर को कर सकते थे। यदि वह ऐसा कुछ है जो केवल सदन में ही कहा जा सकता है तो आपको केवल लोकसभा अध्यक्ष की इजाजत लेने की जरूरत है।
विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कुमार ने कहा कि कांग्रेस और कुछ अन्य दल बहुमत पक्ष के सदस्यों को बोलने में बाधा डाल रहे हैं। लगभग तीन चैथाई सदस्य चाहते हैं कि सदन काम करे। ये सदस्य भी सही तरीके से चुन कर आए हैं। इन सदस्यों ने अगस्ता वेस्टलैंड पर बुधवार को बोलने के लिए नोटिस दिया था।
मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले स्टिंग आपरेशन के बारे में बताना चाहिए जिसमें उसके नेताओं को अवैध तरीके से 500 और 1000 रुपये के बंद नोट को बदलने में संलिप्त दिखाया गया है।
सदन में विधेयक को पारित करने में सहयोग पर धन्यवाद करते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को अपंगता के शिकार लोगों के अधिकारों से जुड़े वर्ष 2014 से लंबित विधेयक को पारित करने में सहयोग करने के लिए धन्यवाद भी दिया
स्रोत- आईएएनएस
|
|
Comments: