Search: Look for:   Last 1 Month   Last 6 Months   All time

नोटबंदी के 37 दिन: सरकार सदन में व्यस्त, जनता कतार में पस्त

New Delhi, Thu, 15 Dec 2016 NI Wire

भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से एटीएम और बैंकों के बाहर लगी कतारें आज भी जस की तस है। 500 और 1000 के नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद किये जाने के 37वें दिन भी बैंकों और एटीएम के बाहर भीड़ लग रही है। अपनी बुुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन रात लोग रुपये निकालने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि नोटबंदी के मसले पर सरकार को सड़क से लेकर संसद तक गतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष लगातार फैसले के विरोध में लोकसभा और राज्य सभा दोनो सदनो में सरकार का घेराव कर रही है। विरोध के कारण संसद के दोनो सदनो का स्थगन भी अनवरत जारी है। सरकार इन सब के बीच सदन चलाने के इतनी व्यस्त है कि आमजन की तरफ ध्यान ही नही जा रहा है।

आठ नवंबर को की गयी नोटबंदी की घोषणा के बाद से जब बैंक 10 नवंबर को खुले तो इनके बाहर भारी भीड़ देखने को मिली। लेकिन, नोटबंदी के 37 दिनों बाद भी लोगों की पैसे निकालने के लिए एटीएम और बैंको के बाहर कतार अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

नांगलोई मेट्रो स्टेशन के निकट पंजाब नेशनल बैंक के बाहर कम से कम 150 लोग सुबह करीब 8 बजे से लाइन में लगे हुए थे, जबकि बैंक खुलने का समय दस बजे से है। एक निजी क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी ने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि यह फैसला गरीब विरोधी है।

बैंक के सामने एक पान बेचने वाले दुकानदार असगर ने बताया , ‘अब तक मैंने सिर्फ गरीब, मजदूर वर्ग को कतारों में खड़े होते देखा है। अभी तक किसी वकील, पुलिस अधिकारी, न्यायाधीश या किसी नेता को कतार में खड़े होते या इंतजार करते नहीं देखा है।’

असगर मसकरी करते हुए कहतें हैं , ‘अमीर लोगों के पास कतार में खड़ा होकर इंतजार करने का समय नहीं है, उनका पूरा पैसा पिछले रास्तों से बिना लाइन लगाए जमा कर दिया गया है।’

बैंके के बाहर लगी भीड़ की शुरुआत का समय पूछे जाने पर असगर ने कहा, ‘बैंकों के बाहर लोग रात में ही 10 बजे तक डट जाते हैं। यहीं सोते हैं या बातें करते रहते हैं। कोशिश यही होती है कि सुबह जल्द से जल्द नकदी निकालकर अपने कार्यस्थलों पर जा सकें और अनुपस्थित होने से बच जाएं।’

बैंक के बाहर फल की दुकान लगाने वाले एक दूसरे व्यक्ति ने बताया कि लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होने की पीड़ा को कम करने के लिए ‘रिले रेस’ के तरीके को अपना रहे हैं।

दुकानदार ने बताया , ‘मेरा दोस्त पहले से ही लाइन में खड़ा है, जब वह थक जाएगा तो उसकी जगह मैं लाइन में रहूंगा। एक दूसरे दोस्त के आने के बाद मैं अपनी रेहड़ी पर चला जाऊंगा। इस तरह से मेरे काम में घाटा नहीं होगा और कोई न कोई रेहड़ी पर भी रहेगा।’

दिल्ली के कनॉट प्लेस में एटीएम के बाहर लाइनें ठीक वैसी ही दिखीं जैसी नोटबंदी के अगले दिन दिखी थीं। कनॉट प्लेस में एक लॉजिस्टिक कंपनी के अधिकारी अपूर्व अग्निहोत्री से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होने कहा, ‘आखिरकार दो घंटे लाइन में इंतजार करने के बाद मुझे पैसे मिल गए। मैं बीते कई दिनों से बिना नकद काम चला रहा था और लंबी लाइनों को देखकर घर चला जाता था, लेकिन अब बिना नकदी के काम नहीं चल पा रहा था।’

नोएडा सेक्टर-63 के एक स्वास्थ्य बीमा कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक सागर अरोरा ने कहा, ‘मेरे पास पहले से ही नकदी की कमी थी और इसी बीच घर की नौकरानी ने वेतन मांग लिया। मुझे अपनी जेब काटकर उसको वेतन देना होगा। आप को बता दूं उसके पास एक फोन भी नहीं है, स्मार्ट फोन की तो बात ही मत कीजिए।’ सागर ने कहा कि काश कोई व्यक्ति ऐसा पैमाना बना देता जिससे लोगों को हो रही परेशानी को नापा जा सकता। यह परेशानी बेहद ज्यादा है।

स्रोतः आईएएनएस


LATEST IMAGES
Manohar Lal being presented with a memento
Manoj Tiwari BJP Relief meets the family members of late Ankit Sharma
Haryana CM Manohar Lal congratulate former Deputy PM Lal Krishna Advani on his 92nd birthday
King of Bhutan, the Bhutan Queen and Crown Prince meeting the PM Modi
PM Narendra Modi welcomes the King of Bhutan
Post comments:
Your Name (*) :
Your Email :
Your Phone :
Your Comment (*):
  Reload Image
 
 

Comments:


 

OTHER TOP STORIES


Excellent Hair Fall Treatment
Careers | Privacy Policy | Feedback | About Us | Contact Us | | Latest News
Copyright © 2015 NEWS TRACK India All rights reserved.