कोच्चि, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)| घरेलू दर्शकों के जबरदस्त समर्थन और घरेलू मैदान पर लगातार पांच मैचों की जीत से मिले आत्मविश्वास के दम पर केरला ब्लास्टर्स टीम 18 दिसम्बर को खिताबी मुकाबले में एटलेटिको दे कोलकाता को हराकर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) खिताब जीत सकती है। केरल की टीम के पास पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में कोलकाता के हाथों मिली हार का हिसाब बराबर करने का शानदार मौका है। पहले सीजन के फाइनल में कोलकाता ने केरल को मुम्बई में 1-0 से हराकर पहली बार यह खिताब अपने नाम किया था।
केरल के कोच स्टीव कोपेल ने कहा, "यह दो साल पहले की घटना है और आज उस फाइनल में खेलने वाले कुछ खिलाड़ी ही हमारे साथ हैं। सच्चाई यह है कि हमारे पास उस मैच में गोल करने वाला खिलाड़ी है।"कोपेल जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, वह मोहम्मद रफीक हैं। रफीक ने स्थानापन्न के तौर पर खेलते हुए कोलकाता के लिए मैच का एकमात्र गोल किया था। उसके बाद से काफी कुछ बदला है। अब रफीक केरल के लिए खेलते हैं और उन्होंने दिल्ली के खिलाफ हुए दूसरे सेमीफाइनल के दूसरे चरण के मुकाबले में बुधवार को पेनाल्टी शूटआउट के दौरान गोल भी किया था।कोपेल ने कहा, "काफी कुछ बदल गया है। यह बिल्कुल अलग प्रतियोगिता है। हमें हार का हिसाब बराबर करने की बात प्रेरित नहीं करती। हमें तो टीम भावना और यह खिताब जीतने की ललक प्रेरित कर रही है।"कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 50 हजार से अधिक दर्शक पहुंचते रहे हैं और इन्हीं के दम पर केरल ने लगातार पांच मैच जीतते हुए फाइनल तक का रास्ता तय किया है।कोपेल को दर्शकों के समर्थन के महत्व का अहसास है लेकिन वह मानते हैं कि सिर्फ दर्शक ही उनकी टीम को अपना पहला आईएसएल खिताब नहीं दिला सकते।बकौल कोपेल, "हमारा सामना एक बहुत अच्छी टीम के साथ हो रहा है। केरल के कुछ पूर्व खिलाड़ी- स्टीफेन पीयरसन और इयान ह्यूम हालात से बखूबी परिचित हैं। दर्शकों का साथ हमेशा फायदा पहुंचाता है लेकिन यह हमारी सफलता की गारंटी नहीं बन सकता। ऐसे में हम खुद को खिताब का दावेदार मानकर नहीं चल सकते।"दूसरी ओर, कोलकाता की टीम भी उसके जितना ही खिताब जीतने को लेकर प्रतिबद्ध दिख रही है। वह तो एक इतिहास भी कायम करना चाहेगी। वह आईएसएल के तीन साल के इतिहास में दूसरी बार खिताब जीतने वाली टीम बनना चाहेगी। कोलकाता एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने लगातार तीनों साल सेमीफाइनल में जगह बनाई है।फाइनल मुकाबला क्रिकेट के दो दिग्गजों-सचिन तेंदुलकर (केरल के सहमालिक) और सौरव गांगुली (कोलकाता के सहमालिक) के बीच खेला जाएगा, जिन्होंने एक समय भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी बनाई थी। एक समय साथ-साथ भारत को जीत दिलाने वाले ये दोनो दिग्गज इस मैच में एक दूसरे के खिलाफ रणनीति बनाते दिखेंगे।दो साल पहले तो गांगुली को खुशी मिली थी लेकिन सचिन को निराशा हाथ लगी थी लेकिन इस बार सचिन चाहेंगे कि उनकी टीम उन्हें खुशी और गांगुली को गम दे।--आईएएनएस
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