नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)| वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद में अधिकार क्षेत्र को लेकर गतिरोध के बावजूद सरकार ने बुधवार को कहा कि यह नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को निर्धारित समयसीमा में लागू करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण से काम कर रही है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "परिषद के सदस्य बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बैठकों में भाग ले रहे हैं और समयसीमा के मुताबिक जीएसटी को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।"सरकार ने एक अप्रैल 2017 से जीएसटी को लागू करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन परिषद में केंद्र और राज्यों के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर गतिरोध कायम है।मंत्रालय ने कहा कि परिषद में विचार-विमर्श काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में किए गए हैं और अब तक सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।हालांकि अभी भी इसे समय पर लागू करने को लेकर संशय बरकरार हैं, क्योंकि इससे जुड़े तीन विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में नहीं रखे जा सके। ये विधेयक हैं केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी), एकीकृत जीएसटी और राज्य मुआवजा कानून। संसद सत्र का 16 दिसंबर को समापन हो रहा है, लेकिन इन विधयकों के संसद में रखे जाने से पहले उसे जीएसटी परिषद की मंजूरी मिलनी बाकी है।बयान में कहा गया, "मॉडल जीएसटी कानून के 99 धाराओं पर परिषद में अब तक सहमति बन गई है और बाकी धाराओं पर 22-23 दिसंबर को होने वाली अगली बैठक में चर्चा की जाएगी।"--आईएएनएस
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