उन्होंने कहा, "शैक्षणिक और बौद्धिक विकास के साथ ही जीवन में अनुशासन सीखने का स्काउड एवं गाइड अच्छा माध्यम है। यदि व्यक्ति खुद अनुशासित हो जाए तो, देश अपने आप सुधर जाएगा। तेरह हजार बच्चे एक जगह रहकर एक दूसरे की संस्कृति से भली-भांति परिचित हो सकेंगे, जो उनके भावी जीवन के लिए नींव तैयार करेगी तथा उनके आत्म मनोबल में वृद्धि होगी।"
आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने कहा, "इस चार दिवसीय राज्य स्तरीय जंबूरी में विविध साहसिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का आयोजन होगा। इस दौरान स्काउड और गाइड का प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।"जंबूरी में देश के अलग-अलग प्रांतों महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरिद्वार, गोरखपुर, नार्थइस्ट रेलवे और साउथ ईस्ट रेलवे के स्काउड और गाइड के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए हुए लगभग तेरह हजार स्काउड और गाइड्स भाग ले रहे हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम, भटगांव विधायक पारसनाथ राजवाड़े, छत्तीसगढ़ राज्य वन औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष रामप्रताम सिंह सहित ग्रामीणजन तथा बड़ी संख्या में स्काउड गाइड उपस्थित हुए।-- आईएएनएस
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