मुंबई, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)| टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक पद से नुस्ली वाडिया को हटाने के लिए 22 दिसंबर को बुलाई गई कंपनी की आम सभा से पहले वाडिया ने बुधवार को कहा कि छोटी कार नैनो ने टाटा के वित्तीय संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। शेयरधारकों के सामने दिए गए प्रेजेंटेशन में उन्होंने कहा कि इस कार के कारण कंपनी भारी कर्ज में डूब गई और 'भविष्य की रणनीति के लिए भी कंपनी को भारी धन की आवश्यकता है।'
उन्होंने कहा, "नैनो को शुरू में एक लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई गई थी और इसे 2008 में बाजार में उतारा गया। तभी से इसने टाटा मोटर्स के वित्तीय संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। यहां तक कि 2.25 लाख रुपये में भी यह कार न तो ज्यादा बिकी और न ही इससे कंपनी को आय हुई, बल्कि हर कार की बिक्री पर कंपनी को नुकसान ही हुआ।"वाडिया ने कहा कि इस कार की बिक्री से कंपनी को सालोंसाल घाटा हो रहा है।उन्होंने कहा, "जब इस कार में निवेश किया गया था तो 2,50,000 कार सालाना बिकने की योजना बनाई गई थी। लेकिन 2015-16 में इसकी बिक्री महज 20,000 कारों की रही और वर्तमान में तो यह और भी कम है।"वाडिया ने कहा, "नैनों को बंद करने में जितनी देरी हो रही है, कंपनी को उतना ही नुकसान उठाना पड़ रहा है।"उन्होंने यह भी कहा कि इस छोटी कार से कंपनी के इमेज को गंभीर नुकसान पहुंचा और यात्री वाहन का कारोबार प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि नैनों के निवेश से जो घाटा हुआ है, वह कई हजार करोड़ रुपये का है।उन्होंने कहा, "नैनो के बारे में केवल मैंने ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी चिंता जाहिर की है।"उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स की टाटा समूह की कई सूचीबद्ध और गैरसूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी है। इसमें गैरसूचीबद्ध हिस्सेदारी 8,600 करोड़ रुपये और सूचीबद्ध कंपनियों की हिस्सेदारी 200 करोड़ रुपये है।वाडिया ने कहा, "यह क्रास होल्डिंग हिस्सेदारी एक कर्ज से लदी कंपनी में इसलिए रखी गई है ताकि टाटा संस में अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण और वोटिंग अधिकार रखा जा सके।"--आईएएनएस
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