न्यायालय ने यह निर्देश बुधवार को याचिकाकर्ता एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा दायर याचिका पर दिए।
न्यायाधीश अजय लांबा और न्यायाधीश डॉ. विजयलक्षी की पीठ ने गोमतीनगर के निरीक्षक द्वारा विवेचना के संबंध में दी गई प्रगति आख्या से अप्रसन्नता जाहिर करते हुए क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर को अपने स्तर पर प्रगति आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई दो फरवरी, 2017 को नियत है।नूतन ने मंत्री सहित अन्य लोगों पर षड्यंत्र के तहत उनके और उनके पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य फर्जी मुकदमा लिखवाने के संबंध में मुकदमा लिखवाया है और स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर इन मामलों की सीबीआई से विवेचना के लिए याचिका दायर की है।--आईएएनएस
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