नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)| दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस की अपराध शाखा से बुधवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के गुमशुदा छात्र नजीब अहमद की तलाश में वह खोजी कुत्तों की मदद से विश्वविद्यालय परिसर का कोना-कोना छान मारे। न्यायमूर्ति जी.एस.सिस्तानी तथा न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने पुलिस से कहा कि वह अहमद की तलाश के लिए विश्वविद्यालय परिसर की कक्षाओं, छात्रावासों सहित समस्त परिसर को छान मारे।
न्यायालय नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे को पुलिस से न्यायालय तथा दिल्ली सरकार के समक्ष पेश करने की मांग की है।जेएनयू में जैव तकनीक का छात्र नजीब (27) बीते 14-15 अक्टूबर की रात से ही लापता है। लापता होने से पहले उसका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के साथ कथित तौर पर झगड़ा हुआ था।एबीवीपी ने नजीब के लापता होने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।पुलिस ने न्यायालय से कहा कि गुमशुदा अहमद का पता लगाने के लिए उन चार छात्रों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा, जिनपर नजीब को पीटने का संदेह है।न्यायालय ने इससे पहले कहा था कि जेएनयू के लापता छात्र का पता लगाने में नाकाम होना पीड़ादायक है और कहा कि वह चाहता है कि उसकी मां को उसका बेटा वापस मिले।न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 22 दिसम्बर की तारीख मुकर्रर की है।--आईएएनएस
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