कश्मीरी मिलिटेंट ग्रुप के कमाण्डर बुरहानी वानी के सेना से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से घाटी में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। आये दिन सेना के साथ स्थानीय अलगाववादियों की झड़प और हिस्सा की खबरे सामने आ रही थी, लेकिन प्रशासन की सख्ती और सेना सक्रियता की वजह से किसी तरह घाटी में जनजीवन सामान्य हो चुका था।
बुधवार को इसी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक स्थानीय अलगाववादी आतंकवादी के मारे जाने के बाद फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने बताया कि बिजबेहरा शहर के निकट हादीगाम में बुधवार को मुठभेड़ के दौरान एक स्थानीय आतंकवादी बासित रसूल मारा गया।
सेना के अनुसार, आतंकी के कब्जे से एक हथियार और कुछ गोला-बारूद बरामद हुए हैं और इलाके में एक तलाशी अभियान चल रहा है। बासित मरहामा का रहने वाला था। आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ने से पहले वह अनंतनाग जिले स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के इस्लामिक विश्वविद्यालय से बी.टेक. कर रहा था।
आतंकवादी के मारे जाने की खबर फैलते ही बिजबेहरा और आसपास के क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। एहतियात के तौर पर घाटी में सेना को तैनात कर रखा गया है कफ्र्यू जैसा माहौल बना हुआ है। संदिग्धो से इस बाबत पूछ ताछ चल रही है।
स्रोत: आईएएनएस
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