कोलकाता, 13 दिसम्बर (आईएएनएस)| अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले (आईकेबीएफ) का आयोजन अगले साल 25 जनवरी से किया जाना है। यह मेले का 41वां संस्करण है। इसमें खास तौर से कोस्टारिका और रूस मुख्य भागीदारों में हैं। मेले के आयोजकों ने नोटबंदी की वजह से किताबों की आपूर्ति और बिक्री में गिरावट की आशंका जताई है। पुस्तक मेले का आयोजन पब्लिशर्स और बुकसेलर्स गिल्ड कर रहा है। मेले का उद्घाटन शहर के पूर्वी किनारे मिलन मेला मैदान पर 25 जनवरी को किया जाएगा। बारह दिन चलने वाले इस पुस्तक मेले का समापन 5 फरवरी को होगा।
गिल्ड के मानद महासचिव त्रिदिब चटर्जी ने मीडिया से कहा, "कोस्टारिका इस साल मेले का केंद्रीय देश रहेगा। यह विश्व का अकेला ऐसा देश है जिसके पास 1949 के बाद से आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय सेना नहीं है। ऐसे समय में जब हम युद्ध की बातें कर रहे हैं और भारत का रक्षा बजट हर साल बढ़ता जा रहा है, ऐसे में इस देश का केंद्रीय देश होना महत्वपूर्ण हो जाता है।"चटर्जी ने कहा कि भारत और रूस के राजनयिक संबंधों के 70 साल होने पर आईकेबीएफ इसमें रूस को एक खास भागीदार राष्ट्र के तौर पर देखता है। इसमें 11 लैटिन अमेरिकी राष्ट्रों सहित कुल 29 देश हिस्सा ले रहे है।चटर्जी ने कहा, "मुख्य मुद्दा खास तौर से बंगाली प्रकाशकों की किताबों की आपूर्ति है। इसमें किताबों की छपाई और जिल्दसाजी की जानी है। इसमें श्रमिकों को नकद भुगतान करने की जरूरत होती है। ऐसे में प्रकाशकों द्वारा सिर्फ अपनी कुल किताबों का पांचवा हिस्सा ही लाने की संभावना है।"उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए इस बड़े आयोजन को ज्यादा से ज्यादा नकदी रहित बनाने की चर्चा की जा रही है।--आईएएनएस
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