चंडीगढ़, 13 दिसंबर (आईएएनएस)| विभिन्न धर्मो में शांति और मैत्री की नींव डालने वाला रूहानी जलसा 26 से 28 दिसंबर तक अहमदिया मुस्लिम जमाअत (भारत) के पंजाब के गुरदासपुर जिले में कादियान स्थित केंद्र पर चलेगा। इंशा अल्लाह आज से 125 साल पहले सन् 1891 में जमाअत अहमदिया के संस्थापक हजरत मिर्जा गुलाम अहमद साहिब कादियानी मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला के आदेश से विभिन्न धर्मों व संप्रदायों में शांति और सुलह की नींव डालने वाले इस रूहानी जलसा की शुरुआत की थी।
इस जलसा का उद्देश्य इस्लाम की सुंदर और शांति देने वाली शिक्षाओं से दुनिया को रूबरू कराना है। दुनिया को अपने वास्तविक स्रष्टा यानी अल्लाह तआला की ओर बुलाना, मानव जाति में आपसी सहानुभूति की भावना पैदा करना, भाईचारा को बढ़ावा देना इस जलसा के महान उद्देश्यों में से हैं। यह जलसा अपने उद्देश्य के आधार पर अद्वितीय और विशिष्ट है।जमाअत अहमदिया जो दुनिया के 209 देशों में स्थापित है, इसके लोग विभिन्न देशों से इस जलसा में भाग लेने के लिए कादियान तशरीफ लाते हैं।इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 'जलसा सर्व धर्म सम्मेलन' के लिए एक विशेष सेशन निर्धारित है, जिसमें विभिन्न धर्मों के नेता और धार्मिक विद्वान अपने-अपने धर्मों की शिक्षाओं की रोशनी में शांति और सुरक्षा की स्थापना के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस जलसा की सारी कार्यवाही का विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा भी मौजूद है।इस जलसा सालाना का केंद्रीय बिंदु इमाम जमाअत अहमदिया हजरत मिर्जा मसरूर अहमद साहिब रूहानी खलीफा का जलसा के दर्शकों को संबोधन करना है, जिसका जमाअत अहमदिया के सैटेलाइट चैनल 'मुस्लिम टेलीविजन अहमदिया' के माध्यम से सीधा प्रसारण होगा।--आईएएनएस
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