लखनऊ, 13 दिसंबर (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को मंजूरी दे दी, जिससे 21 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों को लाभ होने की संभावना है। एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया कि 21 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक लेखानुदान विधेयक लाया जाएगा।"
अगले साल के शुरुआती चार महीने में राज्य के खर्चो के मद्देनजर ऐसा किया जा रहा है।एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अध्ययन के लिए एक अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी जी.बी. पटनायक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी और समिति ने गत सप्ताह अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री यादव को सौंप दी।समिति ने राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतन संरचना केंद्रीय कर्मचारियों के समान करने की अनुशंसा की है।यह कहा गया है कि वेतन बैंड और ग्रेड वेतन समेत तनख्वाह में 2.57 गुना वृद्धि होगी जो अगले साल जनवरी महीने से लागू होगी।समिति ने न्यूनतम वेतन (चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए) 18,000 रुपये और मुख्य सचिव के वेतन 2.25 लाख रुपये करने की अनुशंसा की है।अधिकारी ने कहा कि बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध ढंग से किस्तों में किया जाएगा।सरकार के इस कदम को साल 2017 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने से पहले सरकारी कर्मचारियों को रियायत की पेशकस के प्रयास रूप में देखा जा रहा है।--आईएएनएस
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