नोटबंदी के बाद लोगों को हो रही नगदी की परेशानियों को लेकर मंगलवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक नगदी की कमी से निपटने के लिए पर्याप्त नोट मुहैया कराएगा।
नोटबंदी से आई नगदी की समस्या को लेकर पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रतिदिन रिजर्व बैंक बड़ी संख्या में नोट जारी कर रहा है और अगले तीन हफ्तों में पर्याप्त संख्या में नोट जारी कर दिए जाएंगे।
नोटबंदी के बाद बैकिंग सिस्टम का हवाला देते हुए जेटली ने कहा नोटबंदी के कारण बिना हिसाब-किताब वाला धन बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आया है।
नोटबंदी से डिजिटलाइजेशन को सहयोग मिलने वाला कदम बताते हुए अरूण जेटली ने कहा कि उन्होंने नोटबंदी को डिजिटलाइजेशन की मदद करनेवाला कदम बताया और कहा कि इससे बड़े फायदे होंगे और भविष्य के लेन-देन डिजिटल हो जाएंगे।
डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटलाइजेशन में कम नकदी वाले समाज को समर्थन करने की क्षमता है। सरकार ने प्रणाली की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार और कालाधन पर रोक लगाने के लिए आठ नवंबर को एक ऐतिहासिक फैसले में 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों के चलन पर रोक लगा दिया।
नोटबंदी के बाद बैंक और एटीम घरों में नगदी की बड़ी समस्या सामने आई। लोगोें को नगदी से भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग नगदी के लिए घंटों-घंटों भर एटीम और बैंक के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहें है।
स्रोत- आईएएनएस
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