अरूणाचल प्रदेश में एक पनबिजली परियोजना घोटाले में केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू की कथित तौर पर संलिप्तता पाए जाने को लेकर मंगलवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने उनके इस्तीफे की मांग की।
विद्युत परियोजना में कथित तौर पर मिली भगत करने को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो पारदर्शिता और ईमानदारी की बात करते हैं, उन्हें इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करानी चाहिए।
केन्द्रीय मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि जब तक जांच उन पर लगे आरोप सही साबित नहीं हो जाते तब तक प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह मंत्री को या तो बर्खास्त कर दें या पद से इस्तीफा देने के लिए कहें।
सुरजेवाला ने परियोजना से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच की भी मांग की।
गौरतलब है कि मंत्री रिजिजू की इस परियोजना में संलिप्तता से संबंधित रिपोर्ट एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित हुई। रिजिजू ने इसे एक सुनियोजित खबर करार देते हुए कहा कि यदि वे (दैनिक के कर्मचारी) अरुणाचल प्रदेश जाएंगे तो उनकी जूतों से पिटाई होगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता का यह बयान एक अखबार की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में 600 मेगावाट की कामेंग पनबिजली परियोजना के लिए दो बांधों के निर्माण में ठेकेदारों के भुगतान को मंजूरी देने के लिए पत्र लिखा।
स्रोत- आईएएनएस
|
|
Comments: